BNS धारा 180: कूटचित या कूटकृत सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 10: सिक्कों, करेंसी नोटों, बैंक नोटों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपराधों के विषय में

पहले IPC 242, IPC 243, IPC 252, IPC 253, IPC 259, IPC 489C थी। IPC → BNS खोजें

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180. जो कोई, किसी कूटरचित या कूटकृत सिक्के, स्टांप, करेंसी नोट या बैंक लोट को यह जानते हुए या विश्वास रखने का कारण रखते हुए कि वह कूटरचित या कूटकृत है उसे असली के रूप में उपयोग में लाने के आशय से या इस आशय से कि उसे असली के रूप में उपयोग में लाया जा सके, अपने कब्जे में रखेगा तो वह किसी भी भांति के कारावास से, जो सात वर्ष तक हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा ।

स्पष्टीकरण--यदि कोई व्यक्ति कूटरचित या कूटकृत सिक्के, स्टांप, करेंसी-नोट या बैंक नोट के कब्जे को विधिपूर्ण स्रोत से होना स्थापित कर देता है, तो यह इस धारा के अधीन अपराध गठित नहीं करेगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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