BNS धारा 52: दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के ल्रिए और किए गए कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 4: दुष्प्रेरण, आपराधिक षड़यंत्र और प्रयास के विषय में

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52. यदि वह कार्य, जिसके लिए दुष्प्रेरक धारा 5 के अनुसार दायित्व के अधीन है, दुष्प्ररित कार्य के अतिरिक्त किया जाता है और वह कोई सुभिन्न अपराध गठित करता है तो दुष्प्रेरक उन अपराधों में से प्रत्येक एक के लिए दण्डनीय है ।

दृष्टांत

ख़ को एक लोक सेवक द्वारा किए गए करस्थम्‌ का बलपूर्वक प्रतिरोध करने के लिए क उकसाता है । ख परिणामस्वरूप उस करस्थम्‌ का प्रतिरोध करता है । प्रतिरोध करने में ख करस्थम्‌ का निष्पादन करने वाले अधिकारी को स्वेच्छया घोर उपहति कारित करता है । ख ने करस्थम्‌ का प्रतिरोध करने और स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने के दो अपराध किए हैं । इसलिए ख दोनों अपराधों के लिए दण्डनीय है, और यदि क यह सम्भाव्य जानता था कि उस करस्थम्‌ का प्रतिरोध करने में ख स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा, तो क भी उनमें से प्रत्येक एक अपराध के लिए दण्डनीय होगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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