BNS धारा 201: लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 12: लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय में
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201. जो कोई लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते, किसी दस्तावेज या इब्लैक्ट्रनिक अभिलेख की रचना या अनुवाद करने का आर-वहन करते हुए उस दस्तावेज या इलेक्ट्रिक अभिलेख की रचना, तैयार या अनुवाद ऐसे प्रकार से जिसे वह जानता हो या विश्वास करता हो कि अशुद्ध है, इस आशय से, या सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि तदद्वारा वह किसी व्यक्ति को क्षति कारित करे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 198. लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है
- 199. लोक सेवक, जो विधि के अधीन निदेश की अवज्ञा करता है
- 200. पीड़ित का उपचार न करने के लिए दंड
- 202. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से व्यापार में ्रगा है
- 203. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
- 204. लोक सेवक का प्रतिरूपण
- 205. कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना