BNS धारा 198: लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 12: लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय में
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198. जो कोई लोक सेवक होते हुए, विधि के किसी ऐसे निदेश की, जो उस ढंग के बारे में हो, जिस ढंग से लोक सेवक के नाते उसे आचरण करना है, जानते हुए इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए अवज्ञा करेगा कि ऐसी अवज्ञा से वह किसी व्यक्ति को क्षति कारित करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
दृष्टांत
क, जो एक अधिकारी है, और न्यायालय द्वारा य के पक्ष में दी गई डिक्री की तुष्टि कै लिए निष्पादन में सम्पत्ति लेने के लिए विधि द्वारा निदेशित है, यह ज्ञान रखते हुए कि यह सम्भाव्य है कि तद॒द्वारा वह य को क्षति कारित करेगा, जानते हुए विधि के उस निदेश की अवज्ञा करता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 199. लोक सेवक, जो विधि के अधीन निदेश की अवज्ञा करता है
- 200. पीड़ित का उपचार न करने के लिए दंड
- 201. लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है
- 202. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से व्यापार में ्रगा है
- 203. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है
- 204. लोक सेवक का प्रतिरूपण
- 205. कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना