BNSS धारा 426: अपीलों की सुनवाई की प्रक्रिया संक्षेप में खारिज नहीं की जाती

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 31: अपील

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426. (1) यदि अपीलीय न्यायालय अपील को संक्षेप में खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की सूचना देगा जहां ऐसी अपील सुनी जाएगी—
(i) अपीलकर्ता या उसके वकील को;
(ii) ऐसे अधिकारी को जिसे राज्य सरकार इस संबंध में नियुक्त कर सकती है;
(iii) यदि अपील शिकायत पर शुरू किए गए मामले में दोषसिद्धि के फैसले से संबंधित है, तो शिकायतकर्ता को;
(iv) यदि अपील धारा 418 या धारा 419 के तहत है, तो आरोपी को, और ऐसे अधिकारी, शिकायतकर्ता और आरोपी को अपील के आधार की एक प्रति भी प्रदान करेगा।
(2) अपीलीय न्यायालय तब मामले का रिकॉर्ड मंगवाएगा, यदि ऐसा रिकॉर्ड उस न्यायालय में पहले से उपलब्ध नहीं है, और पक्षों को सुनेगा:
बशर्ते कि यदि अपील केवल सजा की सीमा या वैधता के संबंध में है, तो न्यायालय रिकॉर्ड भेजे बिना अपील का निपटान कर सकता है।
(3) जहां दोषसिद्धि के खिलाफ अपील का एकमात्र आधार सजा की कथित गंभीरता है, अपीलकर्ता, न्यायालय की अनुमति के अलावा, किसी अन्य आधार के समर्थन में आग्रह नहीं करेगा या उसकी बात नहीं सुनी जाएगी।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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