BNS धारा 239: इत्तिला देने के लिए आबद्ध व्यक्ति द्वारा अपराध की इत्तिला देने का जानबूझकर लोप

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 14: मिथ्या साक्ष्य और लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों के विषय में

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239. जो कोई यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि कोई अपराध किया गया है, उस अपराध के बारे में कोई इतिला जिसे देने के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो, देने का जानबूझकर लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी या पांच हजार रुपए तक का जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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