BNS धारा 233: उस साक्ष्य को काम में लाना, जिसका मिथ्या होना ज्ञात है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 14: मिथ्या साक्ष्य और लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों के विषय में

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233. जो कोई किसी साक्ष्य को, जिसका मिथ्या होना या गढा होना वह जानता है, सत्य या असली साक्ष्य के रूप में भ्र्ष्टतापूर्वक उपयोग में लाएगा, या उपयोग में लाने का प्रयत्न करेगा, वह ऐसे दंडित किया जाएगा, मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो या गढा हो।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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