BNS धारा 210: दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख पेश करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को पेश करने का लोप

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 13: लोक सेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के अवमान के विषय में

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210. जो कोई किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते किसी दस्तावेज या इब्लैक्ट्रनिक अमिलेख को पेश करने या परिदत्त करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध होते हुए, उसको इस प्रकार पेश करने या परिदत्त करने का जानबूझकर लोप करेगा,

(क) वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जायेगा

(ख) और जहां वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख किसी न्यायालय में पेश या परिदत किया जाना हो, तो वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

दृष्टान्त

क, जो एक एक जिला न्यायालय के समक्ष दस्तावेज पेश करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध है, उसको पेश करने का जानबूझकर लोप करता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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