BNS धारा 340: कूटरचित दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लाना

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 18: दस्तावेजों और संपत्ति चिहनों संबंधी अपराधों के विषय में

पहले IPC 470, IPC 471 थी। IPC → BNS खोजें

अन्य भाषाओं में भी: English

340.
(1) वह मिथ्या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जो पूर्णतः: या भागत: कूटरचना द्वारा रचा गया है, कूटरचित दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख कहलाता है ।

(2) जो कोई किसी ऐसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अमिलेख को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित दस्तावेज या इललक्ट्रानिक अभिलेख है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाएगा, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे दस्तावेज या इल्लैक्ट्रनिक अभिलेख की कूटरचना की हो ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ