BNS धारा 164: अभित्याजक को संश्रय देना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 8: सेना नौसेना और वायुसेना से संबंधित अपराधों के विषय में
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164. जो कोई एतस्मिनपश्चात् यथा अपवादित के सिवाय, यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक ने अभित्यजन किया है, ऐसे अधिकारी, सैनिक, सैनिक या वायुसैनिक को संश्रय देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा ।
अपवाद--इस उपबंध का विस्तार उस मामले पर नहीं है, जिसमें पत्नी/पति द्वारा अपने पति/पत्नी को संश्रय दिया जाता है ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 159. विद्रोह का दुष्प्रेरण या किसी सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना
- 160. विद्रोह का दुष्प्रेरण यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए
- 161. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी पर जब कि वह अधिकारी अपने पद-निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरण
- 162. ऐसे हमले का दुष्प्ररण यदि हमल्रा किया जाए
- 163. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अभित्यजन का दुष्प्रेरण
- 165. मास्टर की उपेक्षा से किसी वाणिज्यिक जलयान पर छिपा हुआ अभित्याजक
- 166. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अनधीनता के कार्य का दुष्प्रेरण
- 167. कतिपय अधिनियमों के अध्यधीन व्यक्ति
- 168. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन धारण करना