BNS धारा 13: पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात्‌ कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अध्याय 2: दण्डों के विषय में

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13. जो कोई व्यक्ति भारत में के किसी न्यायालय द्वारा इस संहिता के अध्याय 10 या अध्याय 7 के अधीन तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए दोनों में से किसी भाँति के कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराए जाने के पश्चात्‌, उन दोनों अध्यायों में से किसी अध्याय के अधीन उतनी ही अवधि के लिए वैसे ही कारावास से दण्डनीय किसी अपराध का दोषी है, तो वह प्रत्येक ऐसे पश्चातवर्ती अपराध के लिए आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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